आर्य वीर दल पूर्वी उत्तर प्रदेश : उद्देश्य, कार्य एवं प्रेरणादायी अभियान
प्रांतीय संचालक — आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक आज के परिवर्तित सामाजिक परिदृश्य में जब युवा पीढ़ी अनेक प्रकार की चुनौतियों—...
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →संगठन की नवीनतम गतिविधियां
प्रांतीय संचालक — आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक आज के परिवर्तित सामाजिक परिदृश्य में जब युवा पीढ़ी अनेक प्रकार की चुनौतियों—...
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →वैदिक संस्कृति की रक्षा और प्रचार भी आर्य वीर दल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →शाखाओं का पुनरुद्धार, प्रशिक्षण शिविर और आधुनिक मीडिया का उपयोग — पुनर्जागरण का मार्ग।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →यदि देश के प्रत्येक गाँव में शाखाएँ सक्रिय हो जाएँ तो भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →समन्वय, अनुशासन और एकरूपता — संगठन के तीन स्तंभ हैं।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →संगठन अपने शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर है। डिजिटल युग में युवाओं को जोड़ना सबसे बड़ी चुनौती है।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →राष्ट्र की वास्तविक सत्ता उसकी संस्कृति में निहित होती है। आर्यवीर इस संस्कृति का सजग प्रहरी है।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →यदि विद्वान ही मौन रहेंगे तो संगठन को दिशा देना कठिन हो जाएगा।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →आर्य वीर दल के प्रत्येक आर्यवीर का मूल मंत्र है — शरीर से सबल, मन से निर्भीक और चरित्र से महान बनना।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →आर्य वीर दल वह संस्कारशाला है जहाँ से निकलकर युवक सच्चे आर्य और समर्पित समाजसेवी बनते हैं।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →संगठन का मूल तत्व उसके सिद्धांत होते हैं। व्यक्ति विशेष की महत्ता सिद्धांतों से अधिक नहीं होनी चाहिए।
1 मिनट का पाठन
और पढ़ें → →संस्कृति रक्षा · शक्ति संचय · राष्ट्र सेवा — तीनों स्तम्भ प्रत्येक शिविर में सम्मिलित, हवन यज्ञ से प्रारंभ।