आर्य वीर दल पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रत्येक शाखा को जीवंत, अनुशासित एवं प्रभावशाली बनाने हेतु निम्नलिखित १२ आवश्यक योजनाएँ प्रस्तुत हैं। ये योजनाएँ शाखा प्रमुख एवं समस्त आर्य वीरों के लिए दिशा-निर्देश हैं।
- सप्ताह के प्रथम रविवार एवं चतुर्थ रविवार को शाखों का सम्मिलित बैठक जूम एप पर आयोजित करना।
- शाखों पर आर्य वीर दल के अधिकारियों का दौरा करने की योजना तैयार करना। मास में दो बार अधिकारी शाखा का दौरा करेंगे।
- शाखों में आर्य वीरों को मंत्र, श्लोक, गीतिका, भाषण एवं सामान्य ज्ञान का प्रशिक्षण तथा शारीरिक व्यायाम आदि करवाना।
- शाखों की गतिविधियों को आर्य वीर दल पूर्वी उत्तर प्रदेश के व्हाट्सएप ग्रुप में और स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप में फोटो, वीडियो एवं संक्षिप्त परिचय निरंतर भेजना।
- शाखा वाले आर्य वीरों के घरों में मास में दो बार मिलन एवं प्रोत्साहन भेंट।
- वर्ष में दो बार शाखा के स्वयंसेवक एवं पारिवारिक जनों के साथ भोजन का आयोजन।
- आर्य वीरों को संध्या प्रशिक्षण एवं संक्षिप्त यज्ञ का प्रशिक्षण प्रदान करना।
- वर्ष में एक बार कमर वितरण एवं एड्रेस वितरण करवाना।
- आर्य वीरों के बीच वर्ष में दो बार लेखन, भाषण एवं सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता।
- आर्य वीरों के बीच वर्ष में एक बार वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण कार्यक्रम।
- वर्ष में दो भव्य आयोजन — आर्यवीरोत्सव एवं आर्य वीर दल स्थापना दिवस।
- वर्ष में दो बार आर्य वीरों को पर्यटन — ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक रमणीय स्थलों पर।
- वर्ष में दो बार शाखों पर चिकित्सा शिविर लगाना।
इन योजनाओं का निष्ठापूर्वक पालन प्रत्येक शाखा को स्थायित्व एवं प्रभावशीलता प्रदान करेगा।
शाखा
योजना
मार्गदर्शन
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